रेफरल अस्पताल में आउटडोर व इमर्जेंसी सेवा में शनिवार दोपहर करीब साढ़े बारह बजे तक एक भी डॉक्टर मौजूद नहीं थे। इससे इलाज के लिए अस्पताल आए मरीजों को काफी परेशानी हुई। उन्हें घंटों इंतजार करना पड़ा। अधिकांश मरीज बिना इलाज कराए ही लौट गए।
शुक्रवार रात ड्यूटी पर तैनात डॉ. रामानंद पासवान सुबह 8 बजे अपनी ड्यूटी पूरी कर चले गए। लिहाजा सुबह 8 बजे से दिन के 12:35 तक अस्पताल डाॅक्टर विहीन रहा। जो मरीज डाॅक्टर के आने के इंतजार में बैठे रहे उनके अंदर आक्रोश व्याप्त था।
नप वार्ड 24 स्थित विष्णुटोला मोहल्ले की वृद्धा उम्दा देवी, इंदिरा देवी, शीला देवी ने बताया कि सुबह 8 बजे से डाॅक्टर के इंतजार में बैठी हूं। वहीं फतेहपुर गांव की ज्योति कुमारी, शाहाबाद की कोमल कुमारी कुत्ता के काटने से इलाज कराने बैठी रही।
अस्पताल में तैनात सुरक्षा गार्ड से जब डाक्टरों के कब तक आने की बात पूछी गई, तो गार्ड हमेशा 10 मिनट में डाक्टर के आने की बात कहकर दिलासा देते रहे। दोपहर 12:35 बजे वैकल्पिक व्यवस्था के तहत आरबीएसके के डाॅ. देवेन्द्र दास अस्पताल कर्मी की सूचना पर पहुंचे।
इसके बाद मरीजों का इलाज शुरू हुआ। उन्होंने बताया कि मुझे 11:05 में अस्पताल के एक डाटा ऑपरेटर ने सूचना दी कि जिन डाॅक्टर की ड्यूटी सुबह 8 बजे से अस्पताल में थी, वे अस्पताल नहीं आ पाएंगे। इसलिए मरीजों को देखने मुझे अस्पताल बुलाया गया और मैं पहुंचकर मरीजों को देख रहा हूं। अस्पताल प्रभारी डाॅ. उषा कुमारी ने बताया कि जिस डाॅक्टर की ड्यूटी थी, वे विभागीय आदेश पर ट्रेनिंग में चले गए थे। वैकल्पिक व्यवस्था कर आरबीएसके के डाॅक्टर को अस्पताल बुलाया गया।
Download Dainik Bhaskar App to read Latest Hindi News Today
Source From
RACHNA SAROVAR
CLICK HERE TO JOIN TELEGRAM FOR LATEST NEWS

Post a Comment