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एक रूम में जज बैठेंगे दूसरे से वीडियो काॅन्फ्रेंसिंग से बहस करेंगे वकील, अभी इस व्यवस्था से दो या तीन कोर्ट में ही हाेगी सुनवाई

पटना हाईकोर्ट में मुकदमों की सुनवाई के लिए प्रयोग के तौर पर नई व्यवस्था की गई है। चीफ जस्टिस संजय करोल अपने चैंबर में जस्टिस एस कुमार के साथ बैठे, जबकि वकील दूसरे कोर्ट रूम से वीडियो काॅन्फ्रेंसिंग से सुनवाई में शामिल हुए।

इसी तरह जस्टिस हेमंत कुमार श्रीवास्तव और आशुतोष कुमार भी अलग-अलग कोर्ट में बैठे, जबकि दूसरे कोर्ट में उपस्थित होकर संबंधित वकीलों ने अपने मुकदमे की सुनवाई में भाग लिया। इस व्यवस्था को चीफ जस्टिस ने प्रयोग के तौर पर शुरू किया है। एक कोर्ट में जज बैठेंगे और दूसरे से वकील वीडियो काॅन्फ्रेंसिंग से बहस करेंगे।

नाम दिया गया है स्टूडियो कोर्ट। जो वकील घर की बजाय कोर्ट में आकर बहस करना चाहते थे, उनके लिए यह व्यवस्था की गई है। फिलहाल इस व्यवस्था से दो या तीन कोर्ट में ही सुनवाई हाेगी। वीडियो काॅन्फ्रेंसिंग के जरिए अपने-अपने घरों से जज और वकील सुनवाई में पहले की तरह भाग लेते रहेंगे।

एडवोकेट एसोसिएशन के अध्यक्ष योगेश चंद्र वर्मा ने कहा कि जो वकील अपनी सहमति देंगे, उन्हीं का मुकदमा स्टूडियो कोर्ट में सुनवाई के लिए सूचीबद्ध किया जाएगा। इसके बाद स्थिति सामान्य होने पर कोर्ट को पूरी तरह खोलने पर विचार किया जाएगा। जिन वकीलों के मुकदमे स्टूडियो कोर्ट में सुनवाई के लिए सूचीबद्ध होंगे, उन्हें ई-पास के जरिए कोर्ट रूम में प्रवेश मिलेगा।
ये सभी अगले आदेश तक के लिए बंद

पटना हाईकोर्ट प्रशासन ने एक नोटिस जारी कर कोर्ट परिसर स्थित सभी वकील संघों सहित लाइब्रेरी, जन सुविधा केंद्र और कैंटीन को अगले आदेश तक के लिए बंद कर दिया है। वकीलों को 11 अक्टूबर तक सुबह 10 बजे से दोपहर एक बजे तक अपना कोर्ट गाउन तथा फाइल हटा लेने का निर्देश जारी किया गया है। इस नोटिस के बाद वकीलों के बीच अफरा-तफरी का माहौल बन गया है।

वकील हाईकोर्ट आकर अपना-अपना कोर्ट गाउन तथा फाइल ले जा रहे हैं। वकीलों के बीच अफरा-तफरी का माहौल है। कई वकीलों का कहना है कि हाईकोर्ट परिसर से वकीलों को हटाने के लिए ऐसा निर्देश जारी किया गया है, जबकि एडवोकेट एसोसिएशन के अध्यक्ष तथा हाईकोर्ट के तीन वकील संघों की समन्वय समिति के चेयरमैन योगेश चंद्र वर्मा ने बताया कि वकीलों के बीच जो गलतफहमी उत्पन्न हुई है, वह निराधार है।

किसी भी वकील को हाईकोर्ट परिसर से नहीं हटाया जा रहा है। उन्होंने स्पष्ट किया कि कई वकीलों ने कोर्ट गाउन और फाइल अपने एसोसिएशन से ले जाने के लिए हाईकोर्ट प्रशासन से अनुमति मांगी थी।



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The judge will sit in one room and argue with the other through video conferencing, now this arrangement will be heard in two or three courts only


Source From
RACHNA SAROVAR
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