विद्यालयी खेलों सहित अन्य खेलों के लिए साल 2019 बेगूसराय के खेल इतिहास का स्वर्णिम साल रहा था। यह वह समय था जब जिले के कस्बों के सरकारी स्कूलों से खिलाड़ी निकलकर मैदान पर पहुंचे। इस साल विद्यालयी विभिन्न खेलों के 3700 खिलाड़ी मैदान पर उतरे जो अबतक का रेकार्ड है। वहीं क्रिकेट में बेगूसराय की टीम हेमन ट्रॉफी नार्थ जोन का चैम्पियन बना था। जिसके आधार पर बेगूसराय सुपर सिक्स में अपना स्थान पक्का किया था। इसके अलावे बरौनी में महिला फुटबॉल का स्टेट चैम्पियनशिप भी हुआ था। जबकि शहर के गांधी स्टेडियम में पहली बार राज्य स्तरीय बॉलीवॉल प्रतियोगिता का अयोजन किया गया था। लेकिन कोरोना महामारी के कारण वर्ष 2020 खेल और खिलाड़ियों के लिए अभिशाप जैसा हो गया। जुलाई से नवम्बर तक शहर का स्टेडियम जो खिलाड़ियों से भरा रहता था, इस साल वीरान पड़ा है। इतना ही नहीं खेल विभाग जहां हर समय तीस से ज्यादा शिक्षक खिलाड़ियों की लिस्ट तैयार करते थे, इस साल कोई झांकने तक नहीं आता है। मालूम हो कि पर्याप्त संसाधन नहीं होने के बावजूद वर्ष 2019 में जिले के रेकार्ड 95 खिलाड़ियों ने राष्ट्रीय स्तर तक का सफर तय किया। वेटलिफ्टिंग जैसे खेलों में पहली बेगूसराय के खिलाड़ियों ने हिस्सा लिया और पहली बार में ही दो खिलाड़ी का चयन बिहार टीम में नेशनल के लिए भी हुआ। इतना नहीं महिला क्रिकेट में भी बेगूसराय से तीन खिलाड़ियों का चयन बिहार टीम के लिए हुआ था। लेकिन इस साल खेलों का आयोजन नहीं होने के कारण विद्यालय खेल का कैलेंडर ही नहीं छप सका। जिसके कारण खिलाड़ी अपने-अपने घरों में ही कैद रह गए।
बेगूसराय के खिलाड़ियों ने अबतक का बेस्ट प्रदर्शन किया
ज्ञात हो कि वर्ष 2019 में ऐसा पहली बार हुअ था जब विद्यालयी खेलों में बेहतर प्रदर्शन के आधार पर विभिन्न खेलों के 630 खिलाड़ी का चयन राज्य स्तरीय प्रतियोगिता के लिए किया गया। जो राज्य के विभिन्न जिलों में आयोजित विभिन्न खेलों में अपना भाग्य आजमाने गए थे। राज्य स्तरीय प्रतियोगिता में भी बेगूसराय के खिलाड़ियों ने अबतक का अपना बेस्ट प्रदर्शन किया और पहली बार जिले के कुल 95 खिलाड़ी विभिन्न खेलों के नेशनल (एसजीएफआई) के लिए चुने गए। लेकिन वर्ष 2020 में खिलाड़ियों ने प्रैक्टिस भी नहीं की। जबतक कोरोना का मामला समाप्त हुआ, और स्थिति सामान्य हुई तबतक विधान सभा चुनाव की अधिघोषणा हो गई। इस साल अब किसी भी तरह की खेल प्रतियोगिता होना संभव नहीं होगा। ज्ञात हो कि वर्ष 2018 से जिला स्तर पर 900, राज्य में 95, जबकि नेशनल के लिए 23 अधिक खिलाड़ी का हुआ चयन किया गया था।
खेलों का आयोजन नहीं होने से खिलाड़ियों में मायूसी
इसके अलावे वर्ष 2019-20 में सुब्रतो कप फुटबॉल का आयोजन किया गया। वहीं वर्ष 2017 में राज्य स्तरीय कबड्डी के सफल आयोजन को देखते हुए वर्ष 2019 में जिले को स्तरीय वालीबॉल प्रतियोगिता की मेजबानी दी गई थी। वहीं दूसरी एक और खेल बास्केटबॉल में भी बेगूसराय जिले को शामिल किया गया है। ज्ञात हो कि वर्ष 2017 में जिले से 53 खिलाड़ी जबकि 2018 में 73 खिलाड़ियों ने राष्ट्रीय प्रतियोगिता में भाग लेकर जिले और राज्य का नाम रौशन किया था। खेल संयोजनक ने बताया कि इस बार खेलों का आयोजन नहीं होने से खिलाड़ियों में मायूसी है।
राज्यस्तरीय प्रतियोगिता से नेशनल टीम में जगह बनाई थी
ज्ञात हो कि बेगूसराय कबड्डी और बॉलीवॉल के लिए राज्य में बेहतर टीम मानी जाती रही है। कबड्डी में खासकर महिला कबड्डी में हर साल बेगूसराय की टीम अपना बेहतर योगदान करती रही है। लेकिन पिछले साल सरकारी स्कूलों से निकलकर कुछ ऐसे बॉलीवॉल खिलाड़ी मैदान तक पहुंचे जो बक्सर के बेहतर एकलव्य टीम को भी पछाड़ कर राज्य स्तरीय प्रतियोगिता से नेशनल टीम में जगह बनाई थी। जिले से कुल 5 खिलाड़ियों का नेशनल टीम में चयन हुआ था।
इस साल खिलाड़ियों की प्रतिभा घरों तक ही कैद होकर रह गई
बिना प्रशिक्षण और खेल मैदान के अभाव के बावजूद जिला अब खेल के क्षेत्र में काफी बेहतर करने लगा है। साल दर साल सरकारी स्कूलों के बच्चों का विभिन्न खेलों के प्रति अब दिलचस्पी भी बढ़ती जा रही है। यही कारण है कि पहले जहां विद्यालयी खेल कागज के पन्नों तक सिमट कर रह जाता था वह अब मैदान पर दिखने लगा है। खिलाड़ियों के मैदान पर उतरने के बाद उनकी छुपी प्रतिभा भी सामने आने लगी है। लेकिन कोरोना के कारण इस साल खिलाड़ियों की प्रतिभा उनके घरों तक ही कैद होकर रह गई।
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Source From
RACHNA SAROVAR
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