प्रदेश विधानसभा के शीतकालीन सत्र काे रद्द किए जाने के सरकार के फैसले पर सत्ता पक्ष और विपक्ष आमने-सामने आ गया है। सत्र काे रद्द करने पर विपक्ष द्वारा की जा रही बयानबाजी का मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने कड़े शब्दाें में निंदा की है और कहा कि सरकार की प्राथमिकता लाेगाें की सुरक्षा करना है।
मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने कहा कि काेविड काे लेकर विपक्ष के नेता राजनीति कर रहे है। मुख्यमंत्री ने कहा कि सत्र न करवाने की मंशा न हाेती ताे सरकार पहले ही इसकी अधिसूचना जारी न करती।
मुख्यमंत्री ने आरोप लगाया है कि नेता प्रतिपक्ष मुकेश अग्निहोत्री अपने व्यवहार से अपनी ही पार्टी में हास्य का पात्र बनकर रह गए हैं। उन्होंने कहा कि उन्हें मालूम नहीं कि किस व्यवस्था के चलते उनको नेता प्रतिपक्ष का दायित्व सौंपा गया।
उन्होंने नेता प्रतिपक्ष की तरफ से शीतकालीन सत्र को टालने एवं कोरोना संक्रमण को लेकर सरकार के खिलाफ की जा रही बयानबाजी की कड़े शब्दाें में निंदा की। मुख्यमंत्री प्रदेश सचिवालय में डीसी-एसपी बैठक के दौरान पत्रकारों से अनौपचारिक बातचीत कर रहे थे।
उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार ने सत्र को टालने की कोई कोशिश नहीं की तथा प्रदेश कांग्रेस के नेताओं को यह याद होना चाहिए कि कांग्रेस शासित किसी राज्य में विधानसभा सत्र को नहीं बुलाया गया है।
उन्होंने कहा कि मौजूदा स्थिति में तो संसद सत्र तक को टाल दिया गया है। प्रदेश में कोरोना संक्रमण के बढ़ते मामलों को लेकर पूछे गए प्रश्न के उत्तर में मुख्यमंत्री ने कहा कि अनलॉक पीरियड के दौरान सामाजिक समारोहों में बरती गई लापरवाही के कारण ऐसा हुआ है।
उन्होंने कहा कि डीसी-एसपी की बैठक को एक प्रक्रिया के तहत बुलाया गया है, जिसका साल में एक बार आयोजन होता है। इसमें मुख्य रूप से कोरोना संक्रमण को रोकने और जिले से संबंधित मामलों पर प्रमुखता से चर्चा हुई है।
उन्होंने कहा कि जिलों में केंद्र एवं प्रदेश प्रायोजित योजनाओं की समीक्षा के अलावा जिला स्तर पर पद भरने सहित कई अन्य मामले हैं, जिस पर विस्तार से चर्चा हुई है।
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Source From
RACHNA SAROVAR
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