लोमा पंचायत सरकार भवन निर्माण के लिए चिह्नित भूमि का ग्रामीणाें के विराेध पर एसडीओ पूर्वी कुंदन कुमार ने स्थल जांच की व सीओ को चिन्हित स्थल पर जाने के लिए सड़क के लिए सरकारी जमीन है या नहीं की रिपोर्ट देने को कहा। एसडीओ पूर्वी ने कहा कि चिह्नित भूमि गैरमजरूआ भूमि है, जिस पर पंचायत सरकार भवन का निर्माण हो सकता है।
ग्रामीणों ने कहा लोमा मन (नदी की उपधारा) के सटे इस भूमि पर जल संचय होता है उसको मनरेगा से भर कर पंचायत सरकार भवन निर्माण कराना सही नहीं है। उक्त स्थल पर जाने के लिए सड़क भी नहीं है। स्थल के बगल में जो भूमि है, वह भूमिहीनों को बंदोबस्त की गई है। क्या जिला प्रशासन भूमिहीनों के नाम बंदोबस्त भूमि से भूमिहीनों को हटा देगी?
अगर नहीं तो बिना सड़क वाले स्थल पर पंचायत सरकार भवन निर्माण सरकारी राशि की बंदरबांट है। सरपंच मंजू देवी व पूर्व सरपंच टुन्नी लाल राय ने एसडीओ पूर्वी को लिखित शिकायत कर बिना सड़क वाले स्थल पर पंचायत सरकार भवन निर्माण पर रोक लगाने की मांग की व कहा कि मुखिया पति ने सरपंच के लेटर पैड व हस्ताक्षर का गलत प्रयोग करने का आरोप लगाया। ग्रामीणों ने कहा कि जिला प्रशासन अगर पंचायत सरकार भवन निर्माण पर रोक नहीं लगाएगा तो ग्रामीण जिला मुख्यालय पर आंदोलन करेंगे।
इधर, सादिकपुर मुरौल में गाड़ी जा रही सबमर्सिबल बोरिंग
सादिकपुर मुरौल, मोतीपुर और कांटी प्रखंड को केंद्र सरकार की महत्वाकांक्षी योजना सीजीडब्ल्यूबी यानी सेंट्रल ग्राउंड वर्क डिपार्टमेंट योजना के तहत जिले का पहला सबमर्सिबल बोरिंग सादिकपुर मॉडल हाई स्कूल के प्रांगण में गाड़ा जा रहा है। इस बोरिंग की खासियत होगी कि लोगों को 1100 फीट गहराई वाला पानी पीने को मिलेगा। इस काम को पूरा करने का जिम्मा पटना के नालंदा इन जी कोन कंपनी को दिया गया। कंपनी के कर्मचारी अजय कुमार ने बताया कि इस बोरिंग को स्क्रु प्रेशर मशीन से गाड़ा जा रहा है।
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Source From
RACHNA SAROVAR
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