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प्रत्याशियाें के समर्थन में भी भरवाए जा रहे हैं नामांकन, अपना वाेट बैंक दिखाने के लिए जानबूझकर खड़े किए जा रहे सगे संबंधी

पंचायतीराज चुनावों में प्रत्याशी अपना दबदबा दिखाने के लिए कई कैंडिडेट्स अपने समर्थकों से नामांकन भरवा रहे हैं। एक रणनीति के तहत बाद में इन लोगों से कैंडिडेट अपने समर्थन में इनसे नामांकन वापस लेेेंगे। इससे मतदाताओं में एक मैसेज देने का प्रयास किया जाएगा है कि कि असली कैंडिडेट का बड़ा प्रभाव है। सभी पंचायतों में इन दिनों समर्थकों द्वारा नामांकन दायर करवाए जा रहे हैं।

इससे पंचायत चुनावों के लिए प्रत्याशियों की संख्या भी बढ़ रही है। वहीं पंचायत चुनावों के लिए शुक्रवार को नामांकन का दूसरा दिन था। शिमला जिला में काफी संख्या में प्रत्याशियों ने नामांकन दायर किए। इन दिनों गांवों में राजनीति चरम पर हैं। चुनावों लड़ने के लिए कई नाम सामने आ रहे हैं। पंचायत प्रधान, उप प्रधान, वार्ड मैंबर के पदों के लिए कई लोग अपनी दावेदारी जता रहे हैं। यही हालात पंचायत समितियों और जिला परिषद के चुनावों के लिए है।

कई समर्थक भी कर रहे नामांकन
पंचायतीराज चुनावों में एक रोचक पहलु यह भी है कि कई कैंडिडेट्स अपने समर्थक से भी नामांकन कर रहे हैं। ऐसा इसलिए किया जा रहा है ताकि आम मतदाताओं को प्रभावित किया जा सके। ये समर्थक दरअसल कैंडिटेट्स द्वारा ही उठाए जा रहे हैं ताकि बाद में ये नामांकन पत्र उनके पक्ष में वापस ले।

इसके लोगों में यह दिखाने का प्रयास किया जाएगा कि कैंडिटेस के पक्ष में इन समर्थकों ने नामांकन वापस ले लिया है। इसके एक तो आम लोगों में यह संदेश जाता है कि किसी कैंडिटेस के पक्ष में कितने प्रत्याशियोें ने नामांकन वापस लिया है।

वहीं इससे चुनावों के लिए उठे दूसरे प्रत्याशियों को भी मनाया जा सकता है। इस तरह इन चुनावों में यह रणनीति काफी अपनाई जा रही है। यह खासकर प्रधान, उपप्रधान, पंचायत समीति और जिला परिषद के चुनावों के लिए यह रणनीति अपनाई जा रही है।

कितनों ने समर्थन में लिया नाम वापस, छह को लगेगा पता

किसी कैडिटेस के पक्ष में कितने अन्य प्रत्याशियों ने नामांकन वापस लिया है, इसका पता 6 जनवरी को चलेगा। ऐसे में यह साफ हो जाएगा कि किस प्रत्याशी ने किसके समर्थन में नाम वापस लिए हैं। इसके बाद नाम वापस लेने वाले अपने कैंडिटेड्स के पक्ष में भी चुनाव प्रचार करते भी नजर आएंगे।

हालांकि प्रत्याशियों ने अपने अपने इलाकों में लोगों से संपर्क करना शुरू कर दिया है, मगर इसके बाद साफ हो जाएगा कि चुनावी मैदान में वास्तव में कितने प्रत्याशी है। मतदाता भी इसके मुताबिक बोट डाल सकेंगे। शिमला जिला की बात करें तो यहां पर 412 पंचायतों के चुनावों के लिए नामांकन किए जा रहे हैं।

इसके साथ ही पंचायत समितियों और जिला परिषद के लिए भी नामांकन किया जा रहा है। इन दिनों ग्रामीण इलाकों में चुनावों के लिए रणनीतियां बनाई जा रही है। हालांकि पंचायती राज चुनाव पार्टी चिन्हों पर नहीं लड़े जा रहे हैं, मगर अंदर खाते पार्टियां भी अपने-अपने कैंडिटेस को इन चुनावों में समर्थन दे रहे हैं। पार्टी कार्यकर्ता अपने स्ट्रोंग कैंडिटेस को इन चुनावों के लिए झोंक रहे हैं।

चम्याणा वार्ड से मंजू वर्मा ने नामाकंन पत्र दाखिल किया। उन्हाेंने एसडीएम ग्रामीण मनाेज ठाकुर के पास नामांकन पत्र दाखिल किया। मंजू वर्मा माैजूद समय में ग्राम पंचायत चैड़ी की प्रधान है। चम्याणा वार्ड में कुल 21 पंचायतें आती है।



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Nominations are being filled in support of candidates, relatives are being deliberately created to show their wait


Source From
RACHNA SAROVAR
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