बिहार सरकार ने करीब 5 साल बाद बिहार राज्य धार्मिक न्यास बोर्ड का गठन कर दिया। पूर्व विधि सचिव अखिलेश कुमार जैन अध्यक्ष बनाए गए हैं। पटना हाईकोर्ट ने विष्णुपद मंदिर (गया) के प्रबंधन के मामले की सुनवाई के दौरान इस बोर्ड को तुरंत गठित करने का निर्देश सरकार को दिया था। सोमवार को सुनवाई के दौरान सरकार ने कोर्ट को बताया कि बोर्ड का गठन कर लिया गया है।
सोमवार से शुरू हुए फिजिकल कोर्ट में मुख्य न्यायाधीश संजय करोल व न्यायमूर्ति राजीव रंजन प्रसाद की खण्डपीठ ने गौरव कुमार सिंह की जनहित याचिका पर सुनवाई की। सुनवाई के दौरान सरकार ने शपथपत्र के जरिए कोर्ट को बोर्ड के गठन की जानकारी दी।
सरकार के मुताबिक यह आदेश तत्काल प्रभाव से लागू होगा। इस मामले की अगली सुनवाई 19 जनवरी को होगी। ध्यान रहे कि यह बोर्ड मार्च 2016 से विघटित था। इसके जिम्मे राज्य के तमाम हिन्दू धार्मिक न्यास, जो सार्वजनिक (पब्लिक) प्रकृति के हैं, का प्रबंधन व देखरेख है। इसका कार्यकाल 5 साल का होता है।
विधान पार्षद नीरज, विधायक बचौल व रत्नेश सदा सहित 9 सदस्य बने
न्यास बोर्ड के नौ सदस्यों में हरिभूषण ठाकुर बचौल (विधायक), नीरज कुमार (विधान पार्षद), डॉ. रणवीर नंदन (पूर्व विधान पार्षद), रत्नेश सदा (विधायक), कालिका दत्त झा (विभागाध्यक्ष, संस्कृत विभाग, ललित नारायण मिथिला विवि), विजय गिरी (पुजारी, बड़ी पटनदेवी), शुकदेव दास जी (महंथ, बगही मठ, सीतामढ़ी), चंदन सिंह (विष्णुपद मंदिर, गया) तथा गणपति त्रिवेदी (वरीय अधिवक्ता, हाईकोर्ट) शामिल हैं।
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Source From
RACHNA SAROVAR
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